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Showing posts from August, 2020

जंगल के स्कूल का रिजल्ट

हुआ यूँ कि जंगल के राजा शेर ने ऐलान कर दिया कि अब आज के बाद कोई अनपढ़ न रहेगा। हर पशु को अपना बच्चा स्कूल भेजना होगा। राजा साहब का स्कूल पढ़ा-लिखाकर सबको Certificate बँटेगा। सब बच्चे चले स्कूल। हाथी का बच्चा भी आया, शेर का भी, बंदर भी आया और मछली भी, खरगोश भी आया तो कछुआ भी, ऊँट भी और जिराफ भी। FIRST UNIT TEST/EXAM हुआ तो हाथी का बच्चा फेल।  "किस Subject में फेल हो गया जी?"  "पेड़ पर चढ़ने में फेल हो गया, हाथी का बच्चा।"  "अब का करें?"  "ट्यूशन दिलवाओ, कोचिंग में भेजो।"  अब हाथी की जिन्दगी का एक ही मक़सद था कि हमारे बच्चे को पेड़ पर चढ़ने में Top कराना है।      किसी तरह साल बीता। Final Result आया तो हाथी, ऊँट, जिराफ सब फेल हो गए। बंदर की औलाद First आयी। Principal ने Stage पर बुलाकर मैडल दिया। बंदर ने उछल-उछल के कलाबाजियाँ दिखाकर गुलाटियाँ मार कर खुशी का इजहार किया।  उधर अपमानित महसूस कर रहे हाथी, ऊँट और जिराफ ने अपने-अपने बच्चे कूट दिये। नालायकों, इतने महँगे स्कूल में पढ़ाते हैं तुमको | ट्यूशन-कोचिंग सब लगवाए हैं। फिर भी आज तक तुम पेड़ पर चढ़ना नहीं ...

बेटी को समर्पित माँ की भावना

गुड़िया तुम कितनी प्यारी हो,  खिलती सी कलियों की क्यारी हो,   है याद  मुझे वो  दिन प्यारा जब तुम आई मेरे जीवन में,  बदल गया था हर दिन मेरा  थी उथल -पुथल अब हर पल में,  सोचा था एक किताब लिखूंगी वह सफर जो तेरे साथ शुरू हुआ उसका हर एहसास लिखूंगी,  वह क्षण ही इतने  सुंदर थे सच कहूं तो वह रोमांचक थे,  हर क्षण में उतार-चढ़ाव चले हर पल में कई बदलाव चले,  तेरी किलकारियों से शुरू में थोड़ा प्यार हुआ,  पर जब वो रोके नहीं रुकती तब तो सोचो जीना दुश्वार हुआ,  एक खौफ  फैल गया मन में आतंक सा मचा दिया घर में,  जब तुम झूले में सोती थी सब श्श्श्श श्श्श्श करते रहते थे,  दबे - दबे  कदमों से वह तुम्हारे पास से गुजरते थे,  अब तुम मुझे पहचानती थी तुम्हारी 'माँ 'हूँ  मैं यह जानती थी,  सच कहूं ! मैं भी तो अब जान पाई यह मां शब्द की परिभाषा पहचान पाई,   तुझको सीने से लगाकर स्वर्ग का सुख पाती थी मैं,  अब यह घड़ी भी बदल रही थी तुम दिन दिन चंचल प्यारी और भी प्यारी एक सुंदर रूप में निखर रही थी,...