दोस्तों जैसा कि आप जानते होंगे राजस्थान में 2014 से भामाशाह कार्ड योजना कार्य कर रही है | यह योजना पिछली वसुंधरा सरकार की ओर से शुरू की गई थी | हाल ही में सत्ता में आई गहलोत सरकार भामाशाह कार्ड योजना को बंद कर कर 1 अप्रैल 2020 से जन आधार कार्ड योजना की शुरुआत की है | इस लेख में आपको जन आधार कार्ड योजना की पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की गई है साथ ही साथ पंजीयन रजिस्ट्रेशन की उपलब्ध जानकारी भी दी गई है अगर आप राजस्थान के रहने वाले हैं और भामाशाह कार्ड का उपयोग करते हैं आपको इस लेख को अवश्य पढ़ना चाहिए |
प्रक्रिया ऐसे समझें :सबसे पहले आधिकारिक पेज पर जाएँ यहाँ क्लिक करे
दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें 31 मार्च 2020 तक आप भामाशाह कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं |
जन आधार कार्ड योजना
दोस्तों! गहलोत सरकार ने 11 दिसंबर 2019 को हुई कैबिनेट मीटिंग में भामाशाह योजना को बंद करने का निर्णय किया है अब इसके भामाशाह योजना के स्थान पर नई योजना नाम जन आधार कार्ड योजना रखा गया है शुरू की गई।
जैसा कि आप जानते हैं इससे पहले राज्य में बीजेपी सरकार थी जिसकी मुखिया वसुंधरा राजे थी | 15 अगस्त 2014 से राज्य में भामाशाह योजना चल रही थी जिसके माध्यम से तरह-तरह की योजनाओं का लाभ दिया जाता था | इसके लिए लोगों को भामाशाह कार्ड भी बांटे गए थे और भामाशाह पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधाएं भी दी जाती थी | हाल ही में गहलोत सरकार ने इस योजना को बंद करके इसका नया रूप जान आधार योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
“एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान” इसकी टैग लीना से ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य समझा जा सकता है। जन आधार कार्ड के माध्यम से तरह तरह की योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को दिया जाएगा। राज्य के सभी निवासी जन आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
जैसा कि आप जानते हैं इससे पहले राज्य में बीजेपी सरकार थी जिसकी मुखिया वसुंधरा राजे थी | 15 अगस्त 2014 से राज्य में भामाशाह योजना चल रही थी जिसके माध्यम से तरह-तरह की योजनाओं का लाभ दिया जाता था | इसके लिए लोगों को भामाशाह कार्ड भी बांटे गए थे और भामाशाह पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधाएं भी दी जाती थी | हाल ही में गहलोत सरकार ने इस योजना को बंद करके इसका नया रूप जान आधार योजना के नाम से प्रारम्भ किया है।
उद्देश्य
जन आधार कार्ड के प्रमुख बिंदु :
जन आधार कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट अब ऑनलाइन कर दी गई है। जैसी भामाशाह योजना में पात्रता नियम और योग्यता थी सभी वही है जैसे प्रत्येक परिवार को परिवार पहचान जन आधार कार्ड दिया जाएगा। परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा। अगर परिवार में 18 वर्षीय उससे अधिक आयु की महिला नहीं हो ऐसी स्थिति में 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष को मुखिया बनाया जाएगा। किसी परिवार में अगर 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला और 21 वर्ष आयु का पुरुष नहीं होगा तो परिवार में रहने वाले अधिकतम आयु का कोई भी सदस्य परिवार का मुखिया माना जाएगा। जन आधार कार्ड एक बहुउद्देशीय कार्ड होगा जिसे विभिन्न प्रकार के परिवार कारणों के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करे।
जन आधार कार्ड के लिए आवेदन जन आधार कार्ड पोर्टल मित्र के माध्यम से निशुल्क करवाया जाएगा जैसा के लेख में आपको पहले बताया 1 अप्रैल 2020 से यह कार्ड पूरे राज्य में लागू हो गया है।
प्रक्रिया ऐसे समझें :सबसे पहले आधिकारिक पेज पर जाएँ यहाँ क्लिक करे
नया रजिस्ट्रेशन करने के लिए दस्तावेज
- परिवार के सभी सदस्य के फोटो आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- गैस डायरी
- मोबाइल नंबर
- परिवार के सभी सदस्य के फोटो
- बैंक पास बुक महिला मुखिया की
“सिटीजन रजिस्ट्रेशन ” लिंक पर क्लिक करें
अब ऑनलाइन फॉर्म भरें। मांगी गई सारी जानकारी ध्यान और सही से भरें।
योजना से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर
जन आधार कार्ड योजना क्या है?
अगर आप राजस्थान के रहने वाले हैं तो आप जानते होंगे किस तरह भामाशाह कार्ड स्कीम के अंतर्गत योजनाओं का लाभ नागरिकों को दिया जाता था | अब भामाशाह कार्ड स्कीम को बंद करके उसी तरह की एक और योजना जिसका नाम जन आधार कार्ड योजना रखा गया है शुरू होने वाली है | इस योजना के अंतर्गत भामाशाह कार्ड की तरह ही जन आधार कार्ड के माध्यम से तरह तरह की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा
पहले के चल रहे भामाशाह कार्ड कब तक उपयोग में लाए जा सकते हैं?
दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें 31 मार्च 2020 तक आप भामाशाह कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं |
जन आधार कार्ड स्कीम में पंजीयन कैसे होगा?
ताजा मिल रही जानकारी के अनुसार पंजीयन के लिए जन आधार पोर्टल को लांच किया जाएगा या फिर
“ई मित्र” के माध्यम से निशुल्क पंजीयन की सुविधा दी जाएगी।
भामाशाह योजना को बंद करने का निर्णय क्यों लिया गया?
दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं राजनीति में अक्सर ऐसा चलता है, नई सरकार बहुत कम बार ही पहले की सरकार की तारीफ करती है। चाहे भामाशाह योजना जमीनी स्तर पर कितनी भी कारगर क्यों नहीं हुई हो पर कांग्रेस के कई नेताओं ने शुरू से ही इसी योजना के खिलाफ बयानबाजी की थी.


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